उत्तर प्रदेश में नागरिक सुरक्षा तंत्र होगा और मजबूत, योगी आदित्यनाथ ने दिए बड़े निर्देश
Yogi Adityanath Issues Major Directives
लखनऊ। Yogi Adityanath Issues Major Directives, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि नागरिक सुरक्षा विभाग को जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत, आधुनिक और सक्षम संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन गतिविधियों से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में योगी ने कहा कि वर्तमान समय में नागरिक सुरक्षा की भूमिका केवल युद्धकालीन परिस्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव, जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने राहत एवं बचाव, अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, खोज एवं बचाव तथा सुरक्षित निकासी जैसी सेवाओं को और सशक्त बनाने पर जोर दिया। साथ ही सेना से सेवानिवृत्त कर्मियों की सेवाएं प्रशिक्षण में लेने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवकाश के दौरान एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों को भी सिविल डिफेंस प्रशिक्षण से जोड़ा जाए तथा उन्हें सीपीआर और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने आपदा से पहले लोगों को सचेत करने के लिए सायरन प्रणाली के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया।
बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष मई 2025 से नागरिक सुरक्षा इकाइयों और प्रशिक्षण व्यवस्था का विस्तार प्रदेश के सभी 75 जिलों तक कर दिया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में नागरिक सुरक्षा इकाइयों का गठन हो चुका है और जिलाधिकारियों को नियंत्रक, नागरिक सुरक्षा नामित किया गया है। नवसृजित जिलों में उपनियंत्रक और सहायक उपनियंत्रक के नए पद भी सृजित किए गए हैं।
समीक्षा में यह भी जानकारी दी गई कि 60 नवसृजित जिलों में करीब 7,500 स्वयंसेवकों की भर्ती की जा चुकी है और उनका प्रशिक्षण जारी है। विभाग द्वारा अब तक 72,438 छात्र-छात्राओं, 7,502 होमगार्ड स्वयंसेवकों तथा 4,633 नागरिकों को आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। विभिन्न सेवाओं में 6,695 स्वयंसेवकों को भी प्रशिक्षित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने, सभी जिलों में आवश्यकतानुसार स्वयंसेवकों की भर्ती पूरी करने तथा आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा प्रत्येक जिलों में वर्ष में कम से कम दो बार सभी संबंधित विभागों और हितधारकों की भागीदारी से वृहद माक ड्रिल आयोजित की जाए, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयंसेवकों की संख्या, क्षमता और दक्षता बढ़ाकर प्रदेश की आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।